राम: अनंत विस्तार | श्रीराम भक्ति पर प्रेरणादायक हिंदी कविता
poem on ram -bhakti poetry Hindi
“राम: अनंत विस्तार”
“राम” अनंत विस्तार हैं,
जीवन का सच्चा आधार हैं।
शांति के भी प्रतीक वही,
क्रांति के भी सार हैं।
अपनी मर्यादा में रहकर,
कष्टों को हँसकर सहकर,
जो धर्म-पथ पर अडिग खड़ा—
वही “राम” का अवतार है।
“राम” ही जीवन का आधार है।
तुम उठो, जागो अब प्राणी,
त्यागो अज्ञान की कहानी।
नित कर्तव्य-पथ पर बढ़ते जाओ,
अपने कर्मों से भाग्य जगाओ।
कर्म ही अनंत विस्तार है,
“राम” जिसका आधार है।
जो सत्य और धर्म को साधे,
उसका जीवन साकार है।
सुख-शांति तुम पाओगे,
जब “राम” को अपनाओगे।
अपना पथ सुगम बनाओगे,
जीवन को उत्सव बनाओगे।
जब-जब “राम” के गुण गाओगे,
अंतरमन को निर्मल पाओगे।
हर पीड़ा से पार उतरकर,
नव जीवन का द्वार पाओगे।
“राम” बिना जीवन सूना है,
जैसे दीप बिना दूना है।
“राम” का ही यह सारा संसार,
उनसे ही हर सृजन साकार।
“राम” जिसका आधार है,
उसका जीवन उद्धार है।
“राम” अनंत विस्तार हैं,
सृष्टि में सर्वत्र व्याप्त हैं।
“राम” में ही सृष्टि समाई है,
“राम” से हर शक्ति आई है।
जीवन में इससे बड़ा क्या होगा,
जब “राम” का नाम सहारा होगा।
निशि-दिन जो “राम” पुकारे,
हर भय, हर संकट टाले।
भवसागर से पार उतारें,
जीवन को दिव्य बना डालें।
🙏 जय श्री राम 🙏
राम: अनंत विस्तार | श्रीराम भक्ति पर प्रेरणादायक हिंदी कविता poem on ram -bhakti poetry Hindi
यह कविता बताती है कि “राम” केवल एक देवता नहीं, बल्कि एक आदर्श जीवन का प्रतीक हैं।
👉 “राम” = मर्यादा + सत्य + धैर्य
👉 जो व्यक्ति अपने जीवन में इन गुणों को अपनाता है, वही सच्चे अर्थों में सफल होता है
कविता हमें सिखाती है कि:
कर्म करते रहना ही जीवन का धर्म है
राम का स्मरण मन को शांति देता है
सच्चा मार्ग हमेशा धैर्य और संयम से मिलता है
🔥 मुख्य संदेश
“राम” जीवन का आधार हैं
मर्यादा और धर्म ही सच्ची सफलता है
भक्ति से मन को शांति मिलती है
कर्म ही भाग्य को बनाता है
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2 टिप्पणियाँ
बहुत बढ़िया 🙏
जवाब देंहटाएंधन्यवाद 🙏
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