गजल
मत पूछ: भावनाओं, रिश्तों और समाज की सच्चाई | पुरुष की भावनाएँ कविता Man's Feelings Poem
मत पूछ: भावनाओं, रिश्तों और समाज की सच्चाई | पुरुष की भावनाएँ कविता Man's Feelings…
https://www.meregeet.in poem, ghazal.article.story.song.ets. जिंदगी में जब भी हम अकेले होते है, और हमारा गम कोई बांटने वाला नहीं होता तो अनायास ही मन लिखने की कोशिश करने लगते हैं । मन खुद से कई बातें करने लगते हैं । बेशक दुनिया छूटते चलें जाते हैं लेकिन उसकी प्रवृत्ति और समझ, खुद को परखने का अवसर भी देता है । बस इसी अहसास को कुछ लफ्जों में समेटने की कोशिश की है । गीत,गजल, कविता,लेख और कहानियां लिखने का बस प्रयास है । जीवन के विभिन्न रंगों को मन के भावों में बस उकेरने का एक प्रयास है ।
मत पूछ: भावनाओं, रिश्तों और समाज की सच्चाई | पुरुष की भावनाएँ कविता Man's Feelings Poem कभी-कभी जीवन में बहुत कुछ दिखता है, समझ आता है, लेकिन उसे शब्दों मे…
मैंने आज कुछ नहीं लिखा: भावनाओं, एकांत और रिश्तों की सच्चाई Life Truth Poetry Hindi कभी-कभी जीवन में ऐसे दिन आते हैं जब मन कुछ भी लिखने या कहने का नहीं करता। भ…
गाँव से शहर: यादें, बदलाव और रिश्तों की सच्चाई कविता village to city life poem गाँव से शहर की यात्रा केवल स्थान बदलने की नहीं होती, बल्कि यह भावनाओं, यादों औ…
प्रेम बनाम एजेंडा: सच्चे प्यार की हार और समाज की कड़वी सच्चाई | हिंदी कविता Love vs Society Poem Hindi आज के समय में जहाँ हर बात को तर्क और एजेंडा के आधार पर द…
राजनीति की सच्चाई: वोट बैंक, तर्क और समाज का बदलता चेहरा | हिंदी कविता Truth of Politics Poem in Hindi राजनीति केवल नेताओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आज हर…
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