प्यार की गुदगुदी: अधूरी मोहब्बत की एक सच्ची हिंदी कविता love poetry in Hindi
प्यार एक ऐसा एहसास है जो कभी हँसाता है, तो कभी रुला देता है। कभी किसी के स्पर्श से पूरी दुनिया थम जाती है, तो कभी उसी की यादें दिल को बेचैन कर देती हैं। यह कविता उसी अधूरी मोहब्बत की कहानी है—जहाँ प्यार तो सच्चा था, पर मुकम्मल नहीं हो पाया।
love poetry in Hindi
प्यार की गुदगुदी
तेरे स्पर्श से
महसूस हुई,
ठहर गया हर लम्हा—
तू खास हुई।
चला भी जाऊँ कहीं भी,
दूर होकर भी
तू पास हुई।
ख़याल उसका ऐसा था—
न जाने कब सोता था,
न जाने कब जागता था।
बातें उससे हरदम होती थीं,
कभी रोता था,
कभी हँसता था।
उसके आने की उम्मीद में
कभी इधर देखता था,
कभी उधर देखता था।
बुरी आदत है—सबने कहा,
भाई रोकता था,
दोस्त टोकता था,
मगर दिल की लगी
कभी नहीं समझता था।
उसका साथ तो नहीं मिला,
फिर भी नहीं कोई शिकवा-गिला।
वो याद करते हैं दुश्मनों की तरह,
प्यार के बदले
मुझे यही तो मिला।
अब जाकर क़रार आया—
मुझे छोड़कर
उसे सुकून तो मिला।
love poetry in Hindi यह कविता एक ऐसे प्रेमी की भावनाओं को दर्शाती है, जो अपने प्यार में पूरी तरह डूब चुका था।
👉 प्रेम की शुरुआत में उसे हर पल खास लगता है,
👉 हर लम्हा उसी के ख्यालों में बीतता है,
👉 लेकिन अंत में उसे अधूरी मोहब्बत का दर्द मिलता है।
फिर भी, वह शिकायत नहीं करता—
क्योंकि सच्चा प्यार हमेशा त्याग करना जानता है।
🔥 मुख्य संदेश
सच्चा प्यार हमेशा पूरा नहीं होता
दिल की भावनाएँ समझना हर किसी के बस की बात नहीं
मोहब्बत में त्याग भी एक सच्चाई है
कभी-कभी दूर होना ही सुकून देता है!!
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