पुकारता है दिल | इंतज़ार, तड़प और अधूरे प्रेम पर हिंदी कविता
shayari-love- दिल उसी का इंतजार करता है । जिससे मिलने की उम्मीद नहीं होती है । प्यार भी इतना कि अपने आसपास का ध्यान नहीं होता है । इसी उम्मीद में कि एक दिन मिल जाएंगे । कई रातों को ख्वाब सजाते हैं । चाहे कुछ भी करें लेकिन ध्यान हमेशा रहता है । प्यार उसका कहां है ।प्रेम में सबसे अधिक पुकार उसी के लिए होती है, जो दिल के सबसे करीब होता है। दूरी बढ़ सकती है, समय बदल सकता है, लेकिन सच्चा प्रेम मन के भीतर लगातार आवाज़ देता रहता है। यह कविता उसी पुकार, प्रतीक्षा और अधूरे मिलन की वेदना का चित्रण करती है। कविता हिन्दी में 👇👇
पुकारता है दिल
पुकारता है दिल
उसी को,
जिसे चाहता है दिल
उसी को।
दर्द भी उसी को मिलता है,
तड़प भी उसी को मिलती है,
जिसके सीने में
सच्चा प्यार होता है।
---
पुकारता है दिल—
आकर मिल।
जब तक मन की प्यास बुझे,
ठहर जा
कुछ पल पास मेरे।
तू ही सुकून है,
तू ही मेरा आराम है।
---
दिल उसी को पुकारता है,
जो अक्सर
मिल नहीं पाता।
दिल पुकारता है,
ख़याल सजाता है,
मिलन के
अनगिनत ख़्वाब सजाता है।
बस इसी उम्मीद में
जीता भी है,
और तड़पता भी है।
---
इंतज़ार हार गया
इंतज़ार हार गया,
दर्द हद से पार गया।
वो न समझी
जिसे समझना था,
और मैं
खामोश हार गया।
जीतता भी तो कैसे?
जज़्बात टूट चुके थे।
टूटे हुए दिल को
बार-बार
जोड़ा भी तो कैसे?
जिसके सामने
दिल खोलना था,
वही दूर चला गया।
और मैं...
इंतज़ार की राह में
हार गया।
और अंत में कविता
सच्चा प्रेम पाने से अधिक, उसे निभाने और समझने का नाम है। कई बार प्रेम अधूरा रह जाता है, लेकिन उसकी स्मृतियाँ और पुकार जीवन भर मन में जीवित रहती हैं। यही अधूरापन कई बार सबसे सुंदर कविताओं को जन्म देता है।
इन्हें भी पढ़ें 👉 बारिश की बुंदे
0 टिप्पणियाँ