फिर वहीं तस्वीर

उभर के आ गई सामने

जहॉं मेरी दुनिया थी

तेरे मेरे रिश्तों के बीच में

जहॉं मेरा मन बसता है

मेरा दिल हॅंसता है

तेरी यादों में

सुकून ढूंढता है

उन्हीं तस्वीरों में

उदास होकर 

अनवरत !!!!