दबी सॉंसें और ख्याल तेरा कविता Poetry_love in hindi

दबी सॉंसें और ख्याल तेरा Poetry_love in hindi 

 दबी सॉंसें और ख्याल तेरा

दिल बैठा है होके घायल तेरा

तुम्हें क्या खबर मेरी चाहत की

ये दिल दीवाना है पागल तेरा

होशो-हवास में नहीं हूं मुझे क्या हुआ

लोग बताते हैं मैं पागल तेरा

इस बात की तसल्ली है मुझे

सुरक्षित हूॅं मेरी जान है लेकिन दिल तेरा

मुझे कौन रोक सकता है प्यार करने से

मेरी खामोशियों में सिर्फ ख्याल तेरा

और भी है लोग मगर अच्छे नहीं

मेरी तनहाई भी अच्छा और ख्याल तेरा !!!

तुम्हारे जाने के बाद 

कुछ बदला है 

नाखूनें बढ़कर धारदार हो गया 

जो रोज खरोंच रहा है 

मेरे जख्मों को 

तुम्हारी स्मृति 

तुम्हारी यादें 

अधूरी लगती है 

तुम्हारी उपस्थिति यादों में 

हू-ब-हू नहीं लगती 

जो आती है और चली जाती है 

बादलों के टूकडों जैसे !!!!

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Poetry_love in hindi


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