इश्क़ की राहों में | प्रेम, तड़प और समर्पण पर भावपूर्ण हिंदी कविता ishq ki rahon mein hindi-kavita
प्रेम की सबसे बड़ी पहचान उसकी तड़प है। जब किसी की एक झलक भी जीवन का सहारा बन जाए, तब शब्द कविता नहीं रहते, वे हृदय की धड़कन बन जाते हैं। यह कविता उसी तड़प, प्रतीक्षा और समर्पण की अभिव्यक्ति है।
इश्क़ की राहों में
प्यासे मन की प्यास बुझाने
इश्क़ की राहों में चला हूँ।
खुद को तेरे प्रेम की ख़ातिर
हँसते-हँसते मिटाने चला हूँ।
तेरी एक नज़र ने आकर
सोए अरमान जगा दिए।
सीने में जो आग सुलगती थी,
उसे तेरे प्रेम से बुझाने चला हूँ।
मेरी बेचैनी
हर बार मुझे
तेरी गलियों तक ले आती है।
मैं आज भी
तेरी एक झलक पाने चला हूँ।
ठहरो कुछ पल
मेरे पास ज़रा,
तुम्हें अपनी पलकों में सजा लूँ।
इन सूनी रातों की तन्हाई में
कुछ नए ख़्वाब बसा लूँ।
वक़्त,
कुछ देर ठहर जा आज,
मुझे इस पल को जी लेने दे।
उसकी बाँहों की गर्माहट में
हर अधूरी धड़कन को
सुकून से भर लेने दे।
यदि प्रेम का यही अंजाम है,
तो मुझे कोई गिला नहीं।
मैं उसके प्रेम में
अपना हर दुःख भुलाने चला हूँ।
इश्क़ अगर इबादत है,
तो यही मेरी बंदगी है।
मैं अपने दिल की हर धड़कन
उसी के नाम करने चला हूँ।

1 टिप्पणियाँ
बहुत सुन्दर
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