मेरी कविताएँ | प्रेम, जीवन और संवेदनाओं पर हिंदी कविता meri kavitayen jeevan aur-prem

मेरी कविताएँ | प्रेम, जीवन और संवेदनाओं पर हिंदी कविता meri kavitayen jeevan aur-prem

कविता तब सबसे सच्ची होती है जब वह किसी पूर्वनिर्धारित उद्देश्य, प्रचार या आग्रह से नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों और हृदय की संवेदनाओं से जन्म लेती है। यह रचना उसी विश्वास को व्यक्त करती है कि कविता प्रेम, आत्मचिंतन और जीवन की खोज का माध्यम है, न कि किसी पर विचार थोपने का।

मेरी कविताएँ

मेरी कविताएँ
तेरे इर्द-गिर्द
रची गई हैं।
कुछ अनकही बातें,
कुछ मौन संवाद,
जिन्हें मैं
अपने ख़यालों में
धीरे-धीरे बुनता हूँ।
तेरे आने से पहले,
तेरे जाने के बाद—
हर पल
तुम्हारी स्मृतियाँ
शब्दों में उतर आती हैं।
मेरी कविताओं में
प्रेम ही प्रेम है,
जहाँ छल की नहीं,
सिर्फ़ अपनत्व की
गुंजाइश है।
मेरे ख़्वाबों में,
मेरी कविताओं में,
और मेरे जीवन में—
कोई भेद नहीं।
जो हूँ,
वही लिखता हूँ !!!

मेरी कविताएँ

उन कविताओं जैसी नहीं हैं
जो केवल बुद्धि से लिखी जाती हैं,
और जिनके शब्दों में
छिपे हुए इरादे
या नफ़रत की परछाइयाँ
धीरे-धीरे उतरती हैं।
मैं कविता को
किसी पर विचार थोपने का माध्यम
नहीं मानता!!!

मेरी कविताएँ

जीवन की तलाश हैं।
वे किसी
सियासी विचारधारा से प्रेरित नहीं,
न किसी पक्ष का घोषणापत्र हैं।
वे तो
सत्य को
कोमल संवेदनाओं के साथ
समझने और जीने का
एक विनम्र प्रयास हैं।
मेरी कविताएँ
अपने-पराए से परे,
मनुष्य और जीवन की
खोज हैं!!!

मैं जानता हूँ,

दोहरे मानदंडों से बँधा हुआ व्यक्ति
जब भी
मेरी कविताएँ पढ़ेगा,
वह उनमें
अपनी सुविधा के अनुसार
कमी ढूँढ़ेगा,
अपने तर्कों से
फर्क निकालेगा।
क्योंकि
जहाँ पूर्वाग्रह अधिक हो,
वहाँ संवेदनाएँ
अक्सर छू नहीं पातीं।
फिर भी
मैं लिखता रहूँगा,
क्योंकि मेरी कविताएँ
स्वीकृति पाने के लिए नहीं,
अपने सत्य को जीने के लिए हैं।

और अंत में मेरी कविता 

सच्ची कविता का मूल्य उसकी लोकप्रियता में नहीं, बल्कि उसकी ईमानदारी में होता है। जो कविता प्रेम, करुणा और सत्य से जन्म लेती है, वह समय के साथ भी अपना अर्थ नहीं खोती। विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन संवेदनशीलता ही कविता की सबसे बड़ी शक्ति है।


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---राजकपूर राजपूत''राज''

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