तुम्हारी स्वीकृति | प्रेम ने मुझे जीवन का अहसास कराया – हिंदी प्रेम कविता i accept your love poem
प्रेम केवल किसी के साथ होने का नाम नहीं है; प्रेम वह अनुभूति है जो मनुष्य की दृष्टि बदल देती है। जब किसी का अपनापन हमारे जीवन में प्रवेश करता है, तब संसार पहले जैसा नहीं रहता। वही फूल अधिक सुंदर लगने लगते हैं, वही हवाएँ अधिक शीतल महसूस होती हैं और वही जीवन अधिक अर्थपूर्ण प्रतीत होता है। प्रस्तुत कविता इसी परिवर्तन की अनुभूति है, जहाँ प्रिय की स्वीकृति जीवन को नया अर्थ और नई संवेदना देती है।
मैंने तुम्हारी स्वीकृति
पढ़ ली थी
तुम्हारी आंखों से
तुम्हारी बातों से
तुम्हारा अपनापन से
मेरे हृदय की ग्रंथियों में
रक्त संचार बढ़ा गया था
तुम्हारे पास आने से
मैं समझ तो नहीं पाया
लेकिन इतना जानता हूॅं
तुम मुझे बहुत कुछ दे चुके हो
इस कठोर दुनिया में
अपने प्यार की कोमलता से
उसकी शीतलता से
मुझे नहला चुके हो
और अब मैं
अपने शेष जीवन को
सदा हरा करता रहूंगा
तुम्हारे प्यार के अहसास से !!!
तुम न आते तो
तुम न भाते तो
मुझे महसूस नहीं होता
अपने आसपास की दुनिया
उसकी सुन्दरता उसकी कोमलता को
मैं स्पर्श नहीं कर पाता
यदि तुम न आते
मुझे अहसास नहीं होता
ये दुनिया मेरी भी है !!!
और अंत में कविता
सच्चा प्रेम मनुष्य को बदलता नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपी संवेदनाओं को जागृत करता है। वह हमें दुनिया से भागना नहीं सिखाता, बल्कि दुनिया को नए दृष्टिकोण से देखना सिखाता है। जब कोई हमें प्रेम से स्वीकार करता है, तब जीवन केवल बीतता नहीं, बल्कि खिल उठता है।
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