मेरी बात मान लो कविता poem on life
झूठ मत बोलो
रिश्तों को चलाने
मेरी बात मान लो
चालाकियां सदा
काम नहीं आती
ये बात जान लो
जिस दिन पकड़े गए
उस दिन हैसियत गई
इसे गांठ बांध लो !!!
उसने बहुत जल्दी ही
किसी बहाने से
निशाना चुन लिया
बात कुछ और थी
हिन्दू धर्म बदनाम कर दिया
एक होली के रंग से डर जाने वाले लोग
खूनी पर्व को पवित्र कहते हैं, ऐसे दोगले लोग
गला रेत कर भी सफाई देते हैं
ये गिरे हुए लोग !!!!
एजेंडों पर ध्यान
इतना ही ज्ञान
कभी सच बोल नहीं सकते
दोगलापन जान !!!
-राजकपूर राजपूत "राज "
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