थोड़ा-सा साथ | विश्वास और प्रेम पर भावपूर्ण हिंदी कविता thoda sa saath prem-hindi-kavita
प्रेम में अधिकार से अधिक स्वीकार की आवश्यकता होती है। दो लोगों का साथ केवल वादों से नहीं, बल्कि विश्वास, संवाद और एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार करने से बनता है। यह कविता उसी विनम्र आग्रह की अभिव्यक्ति है, जहाँ प्रेमी किसी असंभव वादे के बजाय केवल अपने लिए थोड़ी-सी जगह और थोड़ा-सा अपनापन माँगता है।
थोड़ा-सा साथ
थोड़ा एडजस्ट कर लीजिए
मुझे भी कनेक्ट कर लीजिए
तुझे भूल कर जी नहीं सकता
बात है दिल की ट्रस्ट कर लीजिए
तेरे हाथों में ही मेरी जिंदगी है
मुझे भी सेलेक्ट कर लीजिए
इंसान हूॅं गलतियॉं लाजमी है
कुछ बातें हो तो नष्ट कर लीजिए
यूॅं न तरसाओ तुम मेरी जिंदगी
साथ रहो मेरे इतना कष्ट कर लीजिए !!!
संबंधों पर कविता
भ्रष्ट कर दीजिए
जीने की राह ठीक थी
नष्ट कर दीजिए
वो एजेंडा छुपाएं बैठा है
मेरा ट्रस्ट कर लीजिए
उसकी बातों से पता चल रहा है
जिसने सुना उसे नष्ट कर दीजिए
और अंत में कविता
प्रेम का सबसे सुंदर रूप वह है जिसमें अपेक्षाओं से अधिक विश्वास हो, शिकायतों से अधिक संवाद हो और अधिकार से अधिक अपनापन हो। जो रिश्ते एक-दूसरे को बदलने के बजाय समझने का प्रयास करते हैं, वही समय की हर परीक्षा में टिक पाते हैं। कभी-कभी जीवन को खुशहाल बनाने के लिए बड़े चमत्कार नहीं, बल्कि थोड़ा-सा विश्वास और थोड़ा-सा साथ ही पर्याप्त होता है।
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1 टिप्पणियाँ
सुन्दर
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