धुंधली यादें और अधूरा प्रेम | बिछड़ते रिश्तों पर भावुक हिंदी कविता yaadon ki baarish hindi kavita
प्रेम केवल मिलन का नाम नहीं है। कभी-कभी बिछड़ने के बाद भी कुछ यादें हमारे भीतर जीवित रहती हैं। समय के साथ चेहरे धुंधले पड़ जाते हैं, बातें अधूरी रह जाती हैं, लेकिन कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो स्मृतियों में हमेशा चमकते रहते हैं।हर प्रेम कहानी का अंत मिलन नहीं होता। कुछ रिश्ते यादों में बदल जाते हैं, लेकिन उनकी खूबसूरती कभी समाप्त नहीं होती। वे हमें प्रेम, लगाव और जीवन की गहराइयों को समझने का अवसर देते हैं। यह कविता उन्हीं धुंधली यादों, बढ़ती दूरियों और अधूरे प्रेम की कसक को व्यक्त करती है।
बिछड़ने की कविता
मौसम का क्या है यूॅं ही बरस जाते हैं
तेरी याद आते ही हम तरस जाते हैं !!!
यूं ज़रूरत में हम सबके शामिल हुए
अपनी बारी आई तो तरस जाते हैं !!!!
प्रेम और दूरी
अस्पष्ट थी उसकी यादें
धुंधली धुंधली सी बातें
प्रेम टूटा हुआ
दिल से छूटा हुआ
उन लकीरों को टूटता है
जहां प्रेम टूटा है
गलतियां अब भी नहीं की
बस महसूस हुआ , दुरियां बहुत थी
सहमतियों के अभाव में
कम लगाव में
परस्पर असहमतियां
बन गई दुरियां
उसकी अस्पष्ट होती यादें
स्वीकार करने लगा
हम अलग-अलग हैं !!!
कुछ हसीन यादें
जब तक आती है
उसे देखकर अनदेखा करना
लुकछुप कर फिर देखना
रात की तन्हाई में टूटे धागे पिरोना
प्रीत फिर जूड़ सकती है
कुछ हसीन यादें
जब तक आती है !!!
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