Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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गजल
वो सियासत करते रहे
वो सियासत करते रहे
जनवरी 10, 2021
Siyasat ki baat
वो सियासत करते रहे
आप ताली बजाते रहे
बस्ती जल रही थी
आप समर्थन करते रहे
Sach kabhi
सच कभी सामने आते नहीं
झूठ का पर्दा डालते रहे
उन्मादी स्वाभाव है तुम्हारी
व्यर्थ के चिल्लाते रहे
न्याय की मांग जरूर है
इसी बात पे बहलाते रहे
---राजकपूर राजपूत''राज'
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2 टिप्पणियाँ
Sonu sahu
10 जनवरी 2021 को 8:32 pm बजे
Bahut hi sundar rachana sir
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राजकपूर राजपूत
11 जनवरी 2021 को 10:39 am बजे
धन्यवाद 🙏
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2 टिप्पणियाँ
Bahut hi sundar rachana sir
जवाब देंहटाएंधन्यवाद 🙏
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