चुटकी भर खुशी | प्रेम और संतोष पर भावपूर्ण हिंदी कविता

चुटकी भर खुशी | प्रेम और संतोष पर भावपूर्ण हिंदी कविता chutki bhar khushi prem par-kavita


जीवन की सबसे बड़ी खुशियाँ अक्सर छोटी-छोटी बातों में छिपी होती हैं। प्रेम, अपनापन और किसी अपने की याद, मनुष्य को वह संतोष दे सकती है जो बड़ी से बड़ी उपलब्धियाँ भी नहीं दे पातीं। प्रस्तुत कविता सादगी, संतोष और प्रेमपूर्ण प्रतीक्षा की इन्हीं भावनाओं को अभिव्यक्त करती है। सुख का माप धन या वैभव नहीं, बल्कि मन की तृप्ति है। जिस जीवन में प्रेम, विश्वास और किसी अपने की प्रतीक्षा हो, वहाँ छोटी-सी खुशी भी अनमोल बन जाती है। यही कविता का संदेश है कि प्रेम का मूल्य उसकी विशालता में नहीं, बल्कि उसकी सच्चाई और गहराई में है।

चुटकी भर खुशी


चुटकी भर खुशी बहुत है,
उम्र गुज़ारने के लिए।
एक सूरज ही काफ़ी है,
रौशनी के लिए।

कौन चाहता है
चाँद-सितारों की महफ़िल,
दिल में उजाला हो बस,
जीने के लिए।

दौलत से नहीं,
अपनेपन से महकता है जीवन,
एक सच्चा रिश्ता काफ़ी है,
सहारा बनने के लिए।

चुटकी भर खुशी बहुत है,
उम्र गुज़ारने के लिए।

एक सूरज ही काफ़ी है,
रौशनी के लिए।

सच्ची दिल्लगी में, ऐ राज़,
वादों की भीड़ नहीं होती।
एक सच्ची नज़र ही काफ़ी है,
प्यार होने के लिए।

एक मुस्कान,
एक अपनापन,
एक स्नेहिल स्पर्श—
यही काफ़ी है
दिल जीतने के लिए।

चुटकी भर खुशी बहुत है,
उम्र गुज़ारने के लिए।
एक सूरज ही काफ़ी है,
रौशनी के लिए।


शाम होने वाली है


शाम होने वाली है,
तेरी याद आने वाली है।
लौट आऊँगा आशियाने में,
बस कुछ देर है आने में।
दिनभर की सारी थकान
तेरी याद मिटाने वाली है ।

शाम होने वाली है,
तेरी याद आने वाली है।

जो भी मेरी उलझन है,
तू ही मेरी सुलझन है।
तेरे ख़यालों की ठंडी छाँव
दिल को बहलाने वाली है।

शाम होने वाली है,
तेरी याद आने वाली है।

सूरज ढल जाएगा,
रात भी आ जाएगी।
पर तेरी यादों की रौशनी
मेरे दिल में जगमगाने वाली है।

तेरे बिना यह घर भी
सूना-सूना लगता है।
तेरी आहट की उम्मीद
दरवाज़े तक आने वाली है।
शाम होने वाली है,
तेरी याद आने वाली है।
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---राजकपूर राजपूत''राज''
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