मेरी कविताएँ पढ़ लेना | प्रेम और भावनाओं पर हिंदी कविता
कुछ भाव ऐसे होते हैं जिन्हें शब्द पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पाते, फिर भी कविताएँ उन्हें सहेजने का सबसे सुंदर माध्यम बन जाती हैं। यह कविता उसी विश्वास की अभिव्यक्ति है कि सच्चा प्रेम तात्कालिक स्वीकृति का नहीं, बल्कि एक दिन समझे जाने की आशा का नाम है
प्रेम की कविता
मेरी कविताएँ पढ़ लेना
मैं लिख देना चाहता हूँ
प्रेम की कविताएँ,
अपने हृदय की
अनकही भावनाएँ।
उन्हीं भावों को,
जिनकी वजह से
मुझे जीवन का
अहसास है।
जो मेरे पास है,
पर शायद
तुम अपनी उदासियों में
उसे महसूस नहीं कर पा रहे हो।
मैं शब्दों में
सहेज देना चाहता हूँ
अपना स्नेह,
अपनी प्रतीक्षा,
अपनी निष्ठा।
शायद आज नहीं,
पर किसी दिन
जब तुम्हारी आँखों से
भ्रम का पर्दा हटेगा,
और मन शांत होगा,
तब पढ़ लेना
मेरी कविताएँ।
समझ लेना
मेरी भावनाओं को,
जो मैंने
हर शब्द में
चुपचाप रख दी हैं।
तब तुम्हें भी
महसूस हो जाएगा
कि मेरा प्रेम
केवल कहा नहीं गया,
बल्कि जिया गया है।
और शायद
उस दिन
मेरी हर कविता
तुम्हें
मेरे हृदय की धड़कन-सी
सुनाई दे।
और अंत में कविता
सच्चा प्रेम केवल बोलने से नहीं, बल्कि संवेदनाओं, धैर्य और निरंतरता से प्रकट होता है। यदि शब्द हृदय से निकले हों, तो वे समय बीत जाने के बाद भी अपना अर्थ नहीं खोते। प्रेम की सच्ची पहचान यही है कि वह किसी दिन पढ़े जाने, समझे जाने और महसूस किए जाने की प्रतीक्षा कर सकता है।
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