Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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कविता
कुछ शब्दों में खुद को समेट कर
कुछ शब्दों में खुद को समेट कर
सितंबर 16, 2020
कुछ शब्दों में खुद को समेट कर
बात कही मैंने अपना दिल खोलकर
मेरे शब्द ही मेरी पहचान है
तुम पढ़ लेना मुझे किताबें खोलकर
जो कह नहीं पाया और तुम समझ नहीं पाएं
हाॅ॑ चल दिए मेरे जज्बातों को तोड़कर
तुम होते पास मेरे अपना वजूद खो जाता
भले काम कर गए मुझे शायर बनाकर
---राजकपूर राजपूत''राज''
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