कुछ पल ठहरो | समय, प्रेम और जीवन पर भावपूर्ण हिंदी कविता kuch pal thahro-hindi-kavita
जीवन का सबसे अनमोल धन समय है। जो पल एक बार बीत जाते हैं, वे फिर लौटकर नहीं आते। इसलिए प्रेम केवल भविष्य के वादों में नहीं, बल्कि वर्तमान के साथ बिताए गए क्षणों में जीवित रहता है। यह कविता उसी आग्रह को व्यक्त करती है कि जब अपने साथ हों, तो समय को केवल गुजरने न दें, बल्कि उसे महसूस भी करें।
समय और प्रेम पर हिंदी कविता
कुछ पल ठहरो
इतनी जल्दी क्या है?
कुछ पल
ठहरो मेरे पास।
जी लेने दो
मुझे अपनी ज़िंदगी,
बहुत तरसा हूँ
तुम्हारे बिना।
आओ,
मेरे पास बैठो ज़रा,
दो बातें करें,
कुछ ख़ामोशियाँ बाँट लें।
कौन अपना है,
कौन पराया—
इस पर भी
कभी सोचो ज़रा।
मैं समझता हूँ
कि जीवन का सफ़र आसान नहीं;
तुम भी
मेरी ख़ामोशियों को
समझो ज़रा।
देखो,
यह वक़्त
धीरे-धीरे
हाथों से फिसल रहा है।
आओ,
जो पल हमारे पास हैं,
उन्हें जी लें
पूरे मन से।
क्योंकि
ज़िंदगी
कल के भरोसे नहीं,
आज के साथ से
सुंदर बनती है !!!!!
बादर आए
और छाए
औस की बुंदों जैसी गिरे
और जाए !!!!
और अंत में कविता
जीवन और समय दोनों किसी की प्रतीक्षा नहीं करते। इसलिए अपने प्रियजनों के साथ बिताया गया प्रत्येक क्षण अमूल्य है। जो लोग वर्तमान को प्रेम, संवाद और अपनत्व से भर देते हैं, वे समय के बीत जाने के बाद भी यादों में जीवित रहते हैं। साथ का सुख भविष्य की योजनाओं में नहीं, बल्कि आज के साझा पलों में छिपा होता है।
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1 टिप्पणियाँ
Bahut badhiya
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