कोई राह में ना थम जावे, चले चलो

कोई राह में ना थम जावे 


कोई राह में ना थम जावे, चले चलो
हस्ती दुनिया को समझाते,चले चलो

सफर कठिन है मुस्करा कर, चले चलो
दीदार होने तक मंजिल के, चले चलो

कस्ती ना डगमगाने पाए ज़रा संभाल तू
किनारे तुम्हें मिल जाएंगे बढ़े, चले चलो

ना पूछो मंजिल का पता कितनी दूर है
झुकेगा ये ज़माना इससे आगे, चले चलो

जिंदगी का मजा तभी है जब पहचान रहे

ऑ॑खों में कुछ ख़्वाब सजाएं, चले चलो

---राजकपूर राजपूत



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