जीवन खोजा है तुम्हारी तस्वीर में | समर्पण और निस्वार्थ प्रेम की हिंदी कविता

जीवन खोजा है तुम्हारी तस्वीर में | समर्पण और निस्वार्थ प्रेम की हिंदी कविता jeevan khoja hai tumhari tasveer mein

प्रेम का सबसे सुंदर रूप वह है, जहाँ पाने की चाह से अधिक साथ का अहसास महत्वपूर्ण हो जाता है। यह कविता उसी निस्वार्थ प्रेम की अभिव्यक्ति है, जहाँ जीवन का अर्थ किसी व्यक्ति की उपस्थिति और स्मृति में मिल जाता है।

निस्वार्थ प्रेम कविता

तुम्हारी खुशी में हमारी खुशी है
मिले तुम्हें दर्द मेरा दिल दुःखी है

तेरे चेहरे के रौनक से ये दिल रौनक है
देखें नहीं कहीं और तेरा चेहरा लाखों में एक है !!!

जीवन खोजा है 
तुम्हारी तस्वीर में 

और मेरा भटकना 
फिर लौटकर आना 

संतुष्टि है मेरे जीवन में 

मुझे कुछ नहीं चाहिए 
तुम्हारा साथ चाहिए 

चलों साथ भले नहीं 
मुझे तेरे प्रेम का अहसास चाहिए 

मैं भटकूंगा नहीं कभी सफर में 
जीवन खोजा है 
तुम्हारी तस्वीर में 

तू हँसता रहे,
बस इतनी-सी आरज़ू है;
मेरे हिस्से के सुख भी
तुझे मिल जाएँ, यही जुस्तजू है
मैंने मांगा हर खुशी अपनी दुआओं में 
जीवन खोजा है 
तुम्हारी तस्वीर में !!!!

और अंत में कविता 

सच्चा प्रेम किसी को बाँधता नहीं, बल्कि उसके अस्तित्व में अपना संसार खोज लेता है। जब किसी की मुस्कान अपनी खुशी बन जाए और उसकी स्मृति जीवन का आधार बन जाए, तब प्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि जीवन जीने का अर्थ बन जाता है।

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