तुम आओ मेरे ख़्वाबों या हक़ीक़त में हर दिन | प्रेम पर भावपूर्ण हिंदी कविता

तुम आओ मेरे ख़्वाबों या हक़ीक़त में हर दिन | प्रेम पर भावपूर्ण हिंदी कविता

मनुष्य के सपने केवल रातों में नहीं जन्म लेते; वे उसके विश्वास, प्रेम और संघर्ष से आकार पाते हैं। जब किसी का प्रेम जीवन का आधार बन जाता है, तो वह व्यक्ति हर स्वप्न और हर प्रयास में साथ दिखाई देता है। यह कविता उसी भावनात्मक अनुभूति की अभिव्यक्ति है।

तुम आओ मेरे ख़्वाबों या हक़ीक़त में हर दिन

तुम आओ

मेरे ख़्वाबों में,

या हक़ीक़त में—

हर दिन।

ख़्वाब तो मैंने

रात की ख़ामोशी में सजाए थे,

सुबह होते ही

उन्हें सच बनाने की

कोशिश भी की है।

जो जीने के लिए

सबसे ज़रूरी था,

उसी का सपना

मैंने अपनी पलकों पर बसाया था।

मेरे ख़्वाबों में

वही लोग आते हैं,

जो मेरे मन को

सुकून दे जाते हैं।

ऐसा नहीं कि

मैंने सपने केवल

सोई हुई आँखों से देखे हैं;

जागती आँखों से भी

उन्हें जीने की हिम्मत रखी है।

जिसके प्रेम की धुन में

मेरा मन रमा है,

उसी का नाम

हर धड़कन ने

गीत बनाकर गाया है।

तुम दूर हो,

फिर भी मेरे साथ हो;

मेरी साँसों में,

मेरे विचारों में,

मेरी हर प्रार्थना में।

यह सच है—

तुम बिन जीवन

अधूरा-सा लगता है।

इसलिए

तुम आओ,

मेरे ख़्वाबों में

या हक़ीक़त में—

हर दिन।

tum-aao-mere-khwabon-ya-haqeeqat-mein


और अंत में कविता 

सच्चा प्रेम दूरी से समाप्त नहीं होता। वह स्मृतियों, सपनों और जीवन के हर छोटे-बड़े प्रयास में जीवित रहता है। जब कोई हृदय में बस जाता है, तो उसका साथ केवल वास्तविक उपस्थिति से नहीं, बल्कि हर दिन के एहसास से बना रहता है।

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