बरसात -एक किसान की उम्मीद कविता
एक किसान को भरपूर बरसात की उम्मीद रहती है । rainy-weather-in-poetry-hindi चाहे उसके घर की हालात कुछ भी हो । गरीब किसान इस बात की चिंता नहीं करता कि उसके घर में जगह-जगह पानी टिपके लेकिन पानी जरूर गिरे । बरसात ही उसके खेतों में खड़ी फसल के लिए वरदान है । जिसके लिए वो हमेशा आस लगाए रहते हैं ।
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बारिश से शिकायत नहीं है
किसी किसान को
चाहे छानी चूएं
उसके घर भर जाए
पानी की बूंदों से
वो तो जानता है
पानी की कीमत कितनी है
खेत में खड़ी फसलों के लिए
जिसका पकना
उसकी जिंदगानी है
जो पानी की बूंदों पर
निर्भर करता है
इसलिए इंद्रदेव से प्रार्थना करता है
बरसाओं रिमझिम रिमझिम पानी
चाहे घर उसका
कुछ भी हो !!!!
आषाढ़ आ गया है
बादल छा गया है
गिरों बूंदें बारिश की
आस तपती जमीं की
उड़ कर न जाओ
बादल ठहर जाओ
तुम्ही से बुझेगी
प्यास जन्मों की !!!
बरसेगा कैसे बादल
अब पेड़ नहीं है
धरती प्यासी रहेगी
अब इंसान नहीं है !!
-rajkapur rajput
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