मेरा प्यार -कविता poetry-love

मेरा प्यार -कविता poetry-love

जो जिस भाव में जीते हैं । वैसे ही महसूस करते हैं । किसी को समझाने से समझ पाए, यह मुश्किल कार्य है । क्योंकि धारणाएं जिसकी बन जाती है ।  आदमी का नजरिया बन जाता है । जिसे बदल पाना बहुत कठिन है । नफ़रती लोग नफ़रत की भाषा ही समझेंगे जबकि प्रेमी प्रेम की । पढ़िए इस पर कविता हिन्दी 

प्रेम मेरा कविता 

 तुम्हारे लिए नहीं है

मेरा प्यार

जिसे तुम समझ पाओगे

स्वीकार कर पाओगे

मेरी तड़प 

मेरी पीड़ा को

जिसे सहेज पाओगे

अपने हृदय में

ठहर पाओगे

मेरी आंखों में

महसूस कर पाओगे

अपने अंतर्मन में

इसलिए,,

तुम्हारे लिए

मुश्किल है

मेरा प्यार

क्योंकि तुम्हारी दुनिया का

नहीं है

मेरा प्यार

तुने नफरतों को तवज्जो दी है

मैंने मोहब्बत को

और जिसमें जीते हैं लोग

उसे ही महसूस करते हैं  !!!

poetry-love

हर मन

एक संसार है

बसता वहीं है

जिससे प्यार है

जिसके भीतर प्रेम नहीं

उसका जीवन बेकार है

हर कमी पूरी होती है

जब प्यार होता है !!!!

इन्हें भी पढ़ें 👉 अकेले का मज़ा 



Reactions

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ