Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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गजल
जैसे खिला हुआ गुलाब है
जैसे खिला हुआ गुलाब है
फ़रवरी 24, 2021
जिंदगी , एक किताब है
जैसे खिला हुआ गुलाब है
महकाओं अपनी बगिया सारी
यहॉं सुख दुःख का हिसाब है
सबकी कोशिशों की बात होगी
अवसर ढूंढने वाले ही नवाब है
सार्थक जन्म उसी का कहलाएगा
जिसने मेहनत से बनाया नसीब है
---राजकपूर राजपूत''राज''
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