Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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गजल
रातभर जागता रहा
रातभर जागता रहा
नवंबर 13, 2020
रातभर जागता रहा
ख्वाब सजाता रहा
ऑ॑खों में नींद नहीं
रातभर जागता रहा
सितारे चाॅ॑द से दूर है
फिर भी देखता रहा
शबनम है जमीं पर
चाॅ॑द रातभर रोता रहा
जाने कब मिलन होगी
ये "राज" पूछता रहा
---राजकपूर राजपूत''राज''
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