भीड़ सिखाती है
नैतिकता का पाठ
भीड़ सिखाती है
उन्मादी का पाठ
जहां सबको
मुंह छुपाने की जगह होती है
जब बुरी इच्छाओं का
समुह बन जाते हैं
एक दो आदमियों की
पहचान भुल जाते हैं
जब उस भीड़ में
स्वार्थ हावी हो जाते हैं
---राजकपूर राजपूत''राज''