ऑंखों से ऑंसू छलकने ना दिया Meree aakho ke aansoo ghazal

Meree aakho ke aansoo ghazal दर्द इस दुनिया में किसे कहें, जब दुनिया केवल मतलब को समझती है । कभी कभी तो ऐसा हो जाता है कि जिसे हम अपना दर्द सुनाते हैं, वहीं दर्द बढ़ा देते हैं । जो बाद में पछतावे का कारण बनता है । इसलिए हमने दुनिया की उम्मीद रखना छोड़ दिए हैं । हर दर्द को यदि भीतर रखना सीख गए हैं । जो हमारी ताकत बन गई है । हम दूसरों का दर्द सुन सकते हैं लेकिन अपना बताना नहीं चाहते हैं । पढ़िए इसी पर कविता 👇 

Meree aakho ke aansoo ghazal

 ऑंखों से ऑंसू छलकने ना दिया

इश्क में दर्द को बहकने ना दिया

तुम चले गए मेरा दिल तोड़कर

मेरा इश्क जिंदा है मरने ना दिया

एक बार होता है प्यार किसी को

मेरा दिल किसी गैरों पे आने ना दिया

हमने तो दर्द समेटकर रखा है 

इसकी मीठी सी चुभन कभी जाने ना दिया  !!

Meree aakho ke aansoo ghazal

गिर जाते आंसू तो मैं हल्का हो जाता

दिल के दर्द से मैं हल्का हो जाता

मैं नहीं चाहता तेरी याद सीने से जाए

ऐसे में मेरा प्यार हल्का हो जाता

गिर कर मिली सफलता हर किसी को नहीं भाता

तू दुनिया से हल्का हो जाता  !!!

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