उम्मीद और तलाश | जीवन, सपनों और प्रतीक्षा पर हिंदी कविताjeevan ki ummeed hindi kavita
मनुष्य का जीवन उम्मीदों पर टिका होता है। जब तक मन में किसी लक्ष्य, किसी व्यक्ति या किसी सपने की तलाश बनी रहती है, तब तक जीवन आगे बढ़ता रहता है। हर दिन नई आशा के साथ शुरू होता है और हर प्रयास हमें अपनी मंज़िल के थोड़ा और करीब ले जाता है। प्रस्तुत कविता उम्मीद, तलाश, आत्मचिंतन और जीवन की उस यात्रा की अभिव्यक्ति है, जहाँ इंसान अपने सपनों को सहेजकर आगे बढ़ता रहता है।
उम्मीद और तलाश कविता
१
उम्मीद तो हर दिन है,
और मेरी तलाश भी।
मेरी हर कोशिश यही कहती है,
वह मुझे एक दिन मिल ही जाएगी।
जिस दिन उम्मीदें टूट जाएँगी,
उसी दिन मेरी ज़िंदगी रुक जाएगी।
यह केवल बीस-इक्कीस साल की बात नहीं,
यह तो जीवन भर की साध है।
मैं बस इतना सोचता हूँ—
मेरी कोशिश में कोई कमी न रहे,
मेरे कदम कहीं थककर न रुकें,
और मेरा विश्वास कहीं बिखर न जाए।
२
और हाँ,
हर आदमी अपनी ही धुन में रहता है,
अपने ख़यालों में ख़्वाब बुनता है।
आदमी अक्सर वही सुनता है,
जो उसके मन को अच्छा लगता है।
जब भी दिल की बातें करता है,
अपने सपनों का हिसाब लगाता है।
वह अपने ख़्वाबों को
अपने ख़यालों में तौलता है,
और जहाँ दोनों का मिलान हो जाए,
वहीं उसे सुकून की उम्मीद रहती है।
हर तलाश के पीछे
कोई न कोई उम्मीद छिपी होती है।
३
जब उम्मीद टूटेगी,
शायद यह दुनिया भी छूटेगी।
मैं उसके पास जा नहीं सकता,
वह मेरे पास आ नहीं सकती।
मन में संशय होगा,
तो भय भी होगा।
और मैंने दुनिया में यही देखा है—
मुश्किल समय में साथ देने वाले
बहुत कम होते हैं।
फिर भी मैं उम्मीद का दामन थामे हूँ,
और अंत में कविता
तलाश जीवन का स्वभाव है और उम्मीद उसकी ऊर्जा। जब तक उम्मीद जीवित है, तब तक मनुष्य के भीतर आगे बढ़ने की शक्ति बनी रहती है। इसलिए सपनों का पूरा होना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है उनका जीवित रहना।

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