संभावनाओं का टूटना | अधूरे प्रेम और बिछड़ने की भावुक हिंदी कविता/adhura prem aur akelepaan kavita
प्रेम केवल किसी व्यक्ति का साथ नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी आशाएँ, सपने और जीवन की संभावनाएँ भी होती हैं। जब कोई अपना जीवन में आता है, तो दुनिया अधिक सुंदर लगने लगती है। लेकिन जब वही साथ छूट जाता है, तो केवल व्यक्ति नहीं जाता, उसके साथ कई सपने और संभावनाएँ भी बिखर जाती हैं। यह कविता उसी भावनात्मक यात्रा का चित्रण करती है। प्रेम का बिछड़ना केवल किसी व्यक्ति का जाना नहीं होता, बल्कि उससे जुड़ी उम्मीदों और संभावनाओं का टूटना भी होता है।
प्रेम कविता
प्यार का मौसम न बीते,
तमन्ना है साथ-साथ जीते।
वक्त फिसलता है धीरे-धीरे,
ग़म हो या खुशी, साथ-साथ पीते।
सफ़र की राहें आसान लगतीं,
जब कोई अपना साथ होता।
धूप भी छाँव-सी लगती है,
जब दिल में विश्वास होता।
मैंने संभावनाएँ टटोली थीं,
जब तुम जीवन में आए थे।
तुम सुना करती थीं
मेरी छोटी-बड़ी बातें,
और मैं भी
मन की परतें खोलने लगा था।
जो बातें वर्षों से
अंदर दबी थीं,
वे शब्द बनकर
तुम तक पहुँचने लगी थीं।
घुला-मिला-सा लगता था सब कुछ,
अहसासों में अपनापन था,
खामोशियों में भी संवाद था,
और हर दिन
एक नई उम्मीद का नाम था।
अकेलेपन पर कविता
मैं टूटा तो जाना
कि कितना अकेला हूँ मैं,
इस भरी दुनिया के बीच भी
अपने भीतर कितना सूना हूँ मैं।
तुम्हारे जाने के बाद
मानो जीवन का एक हिस्सा
चुपचाप मुझसे दूर चला गया।
जो चिड़िया कल तक
मधुर स्वर में गाती थी,
आज भी गाती है,
मगर उसकी आवाज़
मुझे पहले जैसी नहीं लगती।
नदियों की धाराएँ
आज भी कल-कल बहती हैं,
पेड़ आज भी
हवा के संग झूमते हैं,
मौसम आज भी बदलते हैं,
लेकिन मेरे भीतर
कुछ वैसा नहीं रहा
जैसा पहले था।
तब मैंने जाना -
मेरी सम्भावनाओं का टूटना
जैसे एक जीवन का छूटना !!!!
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