स्पर्श का वह पल | पहली मोहब्बत और अनकहे एहसासों पर हिंदी कविता ankahe ehsaas hindi kavita
कुछ क्षण जीवन में ऐसे आते हैं जो समय बीत जाने के बाद भी स्मृतियों में जीवित रहते हैं। वे क्षण शब्दों से नहीं, बल्कि एहसासों से पहचाने जाते हैं। कभी किसी की एक नज़र, एक मुस्कान या एक सहज स्पर्श मन में ऐसी हलचल पैदा कर देता है जिसे वर्षों बाद भी भुलाया नहीं जा सकता। प्रस्तुत कविता उसी अनमोल पल की स्मृति है, जब एक साधारण-सा स्पर्श जीवन भर का एहसास बन गया। पढ़िए इस पर कविता हिन्दी 👇
दिल के एहसास कविता
स्पर्श का वह पल
एक बार तुमने,
अनकहे और अनजाने में,
मुझे छुआ था।
वह केवल तुम्हारा स्पर्श था,
या तुम्हारी नज़रों का कमाल था,
आज तक समझ नहीं पाया।
भुला नहीं हूँ उस पल को,
समझा नहीं पाया अपने दिल को।
न जाने कब तुम
धीरे-धीरे मेरे मन में बस गईं।
वह लम्हा कितना ख़ास था,
मानो उम्रभर का एहसास था।
एक अद्भुत-सी सम्पूर्णता का भास था,
क्योंकि उस क्षण तुम मेरे पास थीं।
जब तुमने मुझे छुआ था,
तो भीतर कुछ बदल-सा गया था।
जैसे कोई अनकहा भाव
पहली बार शब्दों में ढल गया हो।
और तब मुझे
कुछ ऐसा लगा था,
मानो जीवन की भीड़ में
मुझे अपना कोई मिल गया हो।
और अंत में कविता
कुछ स्पर्श शरीर को नहीं, आत्मा को छू जाते हैं। वे स्मृतियों में बसकर जीवन का हिस्सा बन जाते हैं। समय भले आगे बढ़ जाए, लेकिन ऐसे पल हमेशा मन के किसी कोने में जीवित रहते हैं।
इन्हें भी पढ़ें 👉 प्रेम और दुनिया कविता

0 टिप्पणियाँ