Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
Home
Kavita
Kahani
Gazal
Geet
Lekh
Shayari
Upnyas
मुख्यपृष्ठ
कविता ( क्षणिका)
हमें,, तुम्हें
हमें,, तुम्हें
अक्टूबर 27, 2020
यह जानते हुए भी
दुनिया बुरी है
यह पहचानते हुए भी
कुछ रिश्ते मतलबी है
फिर भी
व्यवहार निभाते हैं
आखिर फुर्सत ही कहां है
हमें,,, तुम्हें
जो उलझे
इन बेगैरतों से
---राजकपूर राजपूत''राज''
Reactions
एक टिप्पणी भेजें
1 टिप्पणियाँ
Unknown
27 अक्टूबर 2020 को 7:05 pm बजे
सुंदर
जवाब दें
हटाएं
उत्तर
जवाब दें
टिप्पणी जोड़ें
ज़्यादा लोड करें...
Search This Blog
Popular Posts
बोर होना बुरी बात नहीं shayari on boredom In Hindi
अगस्त 20, 2021
Peeth pe khanjar- meregeet पीठ पे खंजर कविता हिन्दी
मार्च 17, 2021
पैसों के खातिर शायरी paison-ke-khatir
मार्च 04, 2021
तुम्हारा प्रेम कविता prem-kavita-hindi
जनवरी 31, 2023
Prem Samrpan or Tum Kavita Hindi प्रेम , समर्पण और तुम
नवंबर 17, 2022
Contact form
1 टिप्पणियाँ
सुंदर
जवाब देंहटाएं