Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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शेर शायरी
बेरूखी
बेरूखी
सितंबर 29, 2020
मुलाकातों मेंं अब भी कोई कमी नहीं आई
पास थे मेरे जुबान पे दिल की बात नहीं आई
होती है ढेरों बातें इधर उधर की मगर
हंसते हैं वो खुल के मगर हमारी बात नहीं आई
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