बातों से नहीं समझी जाती मोहब्बत – दिल की गहराई में छुपा अहसास mohabbat-ahsas-hindi-kavita

बातों से नहीं समझी जाती मोहब्बत – दिल की गहराई में छुपा अहसास mohabbat-ahsas-hindi-kavita

मोहब्बत केवल शब्दों में नहीं होती, यह भावनाओं और अहसासों में महसूस की जाती है। कई बार लोग इसे समझ नहीं पाते और रिश्तों में दूरी पैदा हो जाती है। यह कविता उस जटिलता और भावनाओं की गहराई को दर्शाती है, जिसमें मोहब्बत के असली अर्थ को केवल महसूस किया जा सकता है।

बातों से नहीं समझी जाती मोहब्बत कविता 


प्यार है तो नज़रें मिला के नज़रें फेर लेना
मैं समझ जाऊॅ॑गा, तुम्हारे दिल की बात !!!


बातों से नहीं समझी जाती है 
मोहब्बत है तो समझी जाती है 

उसने टाल मटोल में बातें की 

धीरे-धीरे से आघात की 

मैं समझाऊं और वो नासमझ बनें 
महत्वहीन था मैं, उसने इधर-उधर की बातें कीं


वो मुस्कुरा कर चली गईं और मैं 
उसके आने और जाने की आदत में 
तलाश किया अपनापन , कहीं न मिला 
बस ढूंढता रहा और मैं थकता रहा 

महत्वहीन है कितना समझा जाता है 
उसने माइंड सेट की 
फिर बातें की 

वो मुझे टटोल चुका था 
मेरी भावनाएं, समझ चुका था 

उसे सुविधा हुईं 
जैसे भूखे आदमी को 
रोटी का अहसास दिलाओ 
बेरोजगार को नौकरी की याद दिलाओ 
फिर उसके बाद 
मन बहलाओ, फिर सहलाओ 
अपने इरादे कभी मत बताओ 
धीरे-धीरे ही 
अपने जैसे बनाओं 

समझा रहा था उसकी चाहत क्या है 
लेकिन आदमी चालाक था 
समझता था अपनी दिल्लगी 
अपने इरादे 
अपनी बातें 
बस बातें की मेरी जैसी 
और मैं बन गया 
धीरे-धीरे उनके जैसे 
माइंड सेट में !!!!

-राजकपूर राजपूत 
mohabbat-ahsas-hindi-kavita



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