प्रेम की प्यास भी अजीब होती है । तड़पती नजरें, हर पल राह निहारती है ।Don't know where are you Hindi love poem जब तक प्रेम मिल न जाय । अंतस में पीड़ा, कशक बनी रहती है । ईश्वर से एक झलक पाने के लिए दुआएं मांगी जाती है । ऐसे ही प्रेमी के लिए एक कविता हिन्दी में 👇👇
न जाने कहां हो तुम
Don't know where are you Hindi love poem
उर की पीड़ा
और अधरों की प्यास
ढूंढ रही हैं नज़रें
हृदय में भरे उदास
न जाने कहाॅ॑ हो तुम
मिल जाते तो
मिट जाते हृदय के सारे संताप
ये दर्द भरे मेरे गीत
और शब्दों का अलाप
न जाने कहाॅ॑ हो तुम
फैला ये आसमान
बोझिल-सा मेरा मन
दरार पड़े ये धरती
छोड़ रही है पपड़ी
न जाने कहाॅ॑ हो तुम
ये फूलों की खुशबू
बहती ये बयार
दौड़ रही है मिलने को
ये नदियों की धार
न जाने कहाॅ॑ हो तुम
पथराई ऑ॑खें मेरी निहारती
बदरिया तुम क्यों नहीं आती
गरजों-बरसों रे कोई बुंद
न जाने कहाॅ॑ हो तुम !!!
प्यासा ही रहा
तपती जमीं निहार-निहार
बादल को लगाए गुहार गुहार
मोर गाए प्रेम गीत
दर्द भरें पुकार पुकार
मन उदास रहा
प्यासा ही रहा
कोयल गीत न गाए
बिन पानी क्या खाएं
इस डाल से उस डाल जाएं
पीले पत्ता गिरता रहा
बिन पानी
प्यासा रहा
बरस भी जाएं ये बादल एक दिन,
तब भी ये मन तृप्त कहाँ हो पाएगा...
बदरिया के इंतजार में
क्या प्रतिक्षा में यूं ही मर जाएगा !!!!!
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____राजकपूर राजपूत'राज'

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