तेरा स्पर्श पाकर | प्रेम के एहसास और जीवन की उजास पर हिंदी कविता Pulkit ho gaya Maan mera
प्रेम हृदय के भीतर सदा रहता है । इंतजार रहता है तो उस प्रेम के स्पर्श का । जिसके छूवन मात्र से शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है । रोमांचित शरीर उसके स्पर्श को खुद के भीतर समाहित करने के लिए ।प्रेम का स्पर्श केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी पुलकित कर देता है। कभी-कभी एक सच्चा एहसास वर्षों की तन्हाई मिटा देता है और जीवन को नया अर्थ दे जाता है। यह कविता उसी परिवर्तन और प्रेम की उजास का चित्रण है। पढ़िए प्रेम की बेहतरीन कविता हिन्दी में 👇👇
तेरा स्पर्श पाकर कविता
तेरा स्पर्श पाकर
पुलकित हो गया मन
तेरा स्पर्श पाकर।
चमक उठीं आँखें
तेरी तस्वीर सजाकर।
सूने जीवन को
तूने झंकृत कर दिया,
मानो पायल की मधुर धुन ने
हर कोना भर दिया।
कब से तन्हा था,
मुझे स्वयं भी पता न था।
जी तो रहा था,
पर अपने होने की
मुझे ख़बर न थी।
तुम आई मेरी ज़िंदगी में,
और जब तुम्हारा स्पर्श
मेरे जीवन से जुड़ा,
उसी क्षण लगा
मानो तुमने
मेरे अंतर्मन को छू लिया।
छँट गई थीं उदासी की बदलियाँ,
फैल गई थी
उजाले की रौशनी।
मेरे तन-मन में,
चारों दिशाओं में,
जीवन का नया संगीत
गूँज उठा।
हर तन्हाई
तेरे आने से भर गई,
हर अधूरी धड़कन
पूर्ण हो गई।
पुलकित हो गया मन
तेरा स्पर्श पाकर।
अब समझ आया,
प्रेम केवल एक भावना नहीं,
जीवन को जीने का आधार है।
जिसे सच्चा प्रेम मिल जाए,
उसी का संसार संवर जाता है।
फिर न कोई ख्वाहिश रहती है,
न कोई अधूरापन।
एक सच्चा प्रेम मिल जाए,
तो शेष सब कुछ
छोटा लगने लगता है।
और अंत में कविता
प्रेम का वास्तविक स्पर्श मनुष्य को भीतर से बदल देता है। वह केवल खुशी नहीं देता, बल्कि जीवन को अर्थ, आत्मा को सुकून और मन को नई ऊर्जा देता है। सच्चे प्रेम की यही सबसे बड़ी पहचान है कि वह व्यक्ति को पूर्णता का अनुभव कराता है।
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__राजकपूर राजपूत'राज"
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