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सहयोग से समाधान निकलता है | संवाद, दोस्ती और प्रेम पर हिंदी ग़ज़ल
बहुत हो गई दिल्लगी कुछ नाराजगी भी हो
वक्त को देख जमाने बदल गए
मेरे दर्द को यदि तुमने छूवा होता My Pain Poem in Hindi
प्रेम और सियासत – दिल की बातों की कविता prem-siyasat-rishton-ka-safar
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