Poetry Poetry on Time 

 वक्त निकल जाने से पहले

तुम चले आना मेरे पास

कुछ बातें करनी हैं दिल की

इस तरह कुछ पल बनाना है ख़ास !!!

Poetry Poetry on Time

न बेकरारी हो दिल में

न बेचैनी हो दिल में

दिल जलें चिरागों की तरह

तुम आ जाना मेरे पास में !!!!


सुकून की बात होगी

तुझसे मुलाकात होगी

न उदास होगा दिल मेरा

चाहे दिन होगा, रात होगी !!!


वक्त निकल जाने से पहले

तुम पकड़ लेना वक्त को

रेत है फिसल जाएगा

इसलिए मेरे साथ गुजार लेना वक्त को !!!


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