बात जरूर कीजिए कविता bat-or-uske-matlab-kavita
बात जरूर कीजिए
मन हल्का हो जाएगा
अक्सर दबी हुई बातों से
मन बेचैन हो जाएगा
खुल के बातें करने से
रिश्तों की गॉंठें खुल जाती है
दिल में ठहर गई तो
नफ़रत में बदल जाती है !!!
उसे कुछ और चाहिए
मन है उदास उसे कुछ और चाहिए
नेगलेक्ट कर दिया मेरी बातों को
उठा और चला उसे कुछ और चाहिए
मिल जाता उसे भगवान घर पर ही
ईश्वर बदला है उसे कुछ और चाहिए
बेरोजगार है मगर ज़माने में और भी होंगे
गला रेत दिया इसी बहाने से उसे कुछ और चाहिए
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1 टिप्पणियाँ
Bahut hi sundar rachana sir
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