Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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कविता
इरादे बदलें तो चाहत बदली
इरादे बदलें तो चाहत बदली
दिसंबर 30, 2020
पर्वत में वही कठोरता है
नदी में वही शीतलता है
पेड़ों के पत्तों पे वहीं हरापन
वहीं धरती और वही आसमान
घुमड़ते बादलों का डेरा है
वहीं तन वही मन मेरा है
बस वक्त ने करवट बदली है
और इंसानों ने नीयत बदली है
बदलें तो केवल नजरें बदली
इरादे बदलें तो चाहत बदली
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