Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
Home
Kavita
Kahani
Gazal
Geet
Lekh
Shayari
Upnyas
मुख्यपृष्ठ
शेर शायरी
अपने वक्त को गुनगुनाता हूं
अपने वक्त को गुनगुनाता हूं
अक्टूबर 04, 2020
अपने वक्त को गुनगुनाता रहा
अपने दर्द को सहलाता रहा
तुम चले गए मुझे छोड़कर
तेरी यादों में दिल को बहलाता रहा
Reactions
एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ
Search This Blog
Popular Posts
Contact form
0 टिप्पणियाँ