पहले प्यार का एहसास | स्मृतियों, भावनाओं और जीवन की मधुर अनुभूति पर कविता prem ki madhur anubhuti kavita
जीवन में कुछ भावनाएँ ऐसी होती हैं जो पहली बार अनुभव होने पर पूरे व्यक्तित्व को बदल देती हैं। मन प्रसन्न रहने लगता है, साधारण दिन भी विशेष लगने लगते हैं और हर ओर एक नई ऊर्जा का अनुभव होता है। यह कविता उसी कोमल एहसास, स्मृतियों और आत्मीयता की अनुभूति को व्यक्त करती है।
पहले प्यार पर कविता
पहले प्यार का एहसास था जैसे,
मेरा हर पल कोई पास था जैसे
जहाँ भी गया, खुशी थी चेहरे पर,
मेरा हर मौसम ख़ास था जैसे
मेरे जिस्म से रौशनी झलकती थी,
ज़माने को भी एहसास था जैसे
हर सुबह नई लगती थी मुझको,
जीवन में मधुमास था जैसे
मेरे हर पल कोई पास था,
ऐसा मुझे एहसास था
मैं जहाँ भी गया, गुनगुनाता रहा,
मुझे जीवन पर विश्वास था !!!!
राहें भी सरल लगती थीं,
मंज़िल भी करीब दिखाई देती थी।
छोटी-छोटी खुशियों में भी,
एक बड़ी खुशी समाई रहती थी !!!
भावनात्मक हिंदी कविता
मैंने माँगा ही नहीं था कभी,
इसलिए उसका मूल्य समझा नहीं था
जो चुपचाप साथ निभाते हैं,
उनका महत्व जाना नहीं था !!!!
न बोलने वालों की खामोशी में भी,
कई अनकहे संदेश छिपे होते हैं।
दिल की दुनिया में अक्सर,
शब्दों से अधिक एहसास जीते हैं !!!!
लोगों ने भावनाएँ क्या बदलीं ,
कुछ रिश्ते समय के साथ छूट गए
तब समझ आया कि जीवन में,
कुछ सपने अधूरे भी रह जाते हैं !!!!
जिस्म से रौशनी बढ़ती गई,
जैसे नस-नस में विश्वास बढ़ता गया
एक झलक दिखाने वाला चेहरा,
जीने का एहसास जगाता गया
उसकी यादों की हल्की आहट भी,
मन में संगीत भर जाती थी
साधारण-सी लगने वाली दुनिया,
रंगों से भर जाती थी !!!!
समय बदला, मौसम बदले,
कुछ रास्ते भी बदल गए।
लेकिन कुछ मीठे एहसास,
दिल के कोने में सँभल गए !!!
आज भी जब यादें आती हैं,
चेहरे पर मुस्कान छोड़ जाती हैं
बीते हुए उन सुंदर पलों की,
धीमी-सी खुशबू छोड़ जाती हैं !!!!!
-राजकपूर राजपूत "राज "
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