Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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कविता
मैंने कई बार
मैंने कई बार
सितंबर 25, 2020
मैंने कई बार
अपने अंतर्मन से
तुम्हें झांका है
तेरी तस्वीर को
संवारा है
अपने कल्पनाओं में
मुलाकातें की है
गुफ्तगू की है
अपने ख्यालों में
जो इर्द गिर्द घूमती है
तेरी सूरत
जिसे मैंने
अपनी जिंदगी मानी है
---राजकपूर राजपूत''राज''
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1 टिप्पणियाँ
Sonu sahu
25 सितंबर 2020 को 10:37 am बजे
वाह वाह अति सुन्दर रचना सर जी
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1 टिप्पणियाँ
वाह वाह अति सुन्दर रचना सर जी
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