Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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गजल (मुक्तक)
उसके हर लफ्ज़ सियासत कहें
उसके हर लफ्ज़ सियासत कहें
अगस्त 14, 2020
जो खुद में इतना खोए रहे
वो दुनिया से भला क्या कहें
कभी बैठे नहीं पास किसी के
दिन-रात मोबाइल में मस्त रहे
दुरियां रिश्तों को सुखा देती है
ऐसे में भला पीर कहां बहे
थकावट बहुत है मेरे सीने में राज़
उसके हर लफ्ज़ सियासत कहें
- राजकपूर राजपूत राज
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1 टिप्पणियाँ
Sonu sahu
14 अगस्त 2020 को 7:18 am बजे
Bahut hi sundar
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