रिश्तों में सबसे बड़ी दूरी तब पैदा होती है, जब लोग अपने दिल की बात कह नहीं पाते। कई बार मोहब्बत होती है, लेकिन उसे सही तरीके से निभाया नहीं जाता।समझा नहीं जाता है । जिससे रिश्ते में धीरे-धीरे अलगाव व दूरी बनने लगती है । 

यह हिंदी कविता “कम से कम” उसी अधूरे संवाद और भावनाओं की कमी को दर्शाती है, जहाँ थोड़ी-सी समझ और बातचीत से रिश्ता बच सकता था। पढ़िए बेहतरीन कविता हिन्दी में 👇

🌙 कम से कम कविता हिन्दी 

कम से कम

नफ़रत नहीं,

तो मोहब्बत ही सही—

हाँ, तेरी उदासियों ने

तुझे समझदारी नहीं दी है।

कम से कम

जीने के लिए दुःख है,

थोड़ा-बहुत सुख है—

कम से कम

इसी के बीच मेरी ज़िंदगी है।

कम से कम

बोलते ज़रा,

जहाँ ज़रूरी है,

वहाँ मुँह खोलते ज़रा—

कम से कम

दिख जाती तेरी नीयत।

कम से कम

समझाते तुम

मेरी नज़रों को,

पहचानते तुम—

कम से कम

मैं तेरे दिल के पास आ जाता...!!!

💔 अधूरी मोहब्बत -कविता 

उसकी शिकायत नफ़रत थी,

मगर मेरी आदत तो चाहत थी।

वैचारिक मतभेद था हम दोनों में,

उसकी शिकायत मुझसे मुखातिब नहीं थी।

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least-love-no-poetry-hindi यह हिंदी कविता अधूरी मोहब्बत और संवाद की कमी को दर्शाती है। इसमें दिखाया गया है कि अगर रिश्तों में थोड़ी-सी समझ और बातचीत हो, तो कई टूटते रिश्ते बच सकते हैं।

👉 अगर यह हिंदी कविता आपके दिल को छू जाए, तो इसे शेयर जरूर करें।

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मत पूछ, अधूरी मोहब्बत पर बेहतरीन कविता 

---राजकपूर राजपूत''राज''