Mere Geet – Shayari, Kahani aur Lyrics
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गजल
जो सामने कह नहीं सकते हैं
जो सामने कह नहीं सकते हैं
मार्च 24, 2022
जो सामने कह नहीं सकते हैं
किसी के लिए लड़ नहीं सकते हैं
भीतर कायरता ऐसी समाई है
न जी सकते हैं न मर सकते हैं
ऐसे जीना भी क्या जीना है यारों
हंस नहीं सकते हैं रो नहीं सकते हैं
उससे उम्मीद ही मत करना "राज"
मतलब के सिवा कुछ बोल नहीं सकते हैं
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