प्रस्तावना
जीवन में सफलता केवल भाग्य से नहीं मिलती, बल्कि निरंतर मेहनत और सही समय पर लिए गए निर्णय से मिलती है। कई बार हम अवसर खो देते हैं और फिर समय के बीत जाने पर पछतावा ही शेष रह जाता है। दुनिया को देखकर भले ही नए साल मना लेते हैं लेकिन हमारी समस्या तो पिछले सालों से बनी रहती है । सही अवसर को समझकर कार्य करने वाले कभी सफलता के पीछे नहीं रहते हैं ।
यह हिंदी कविता मेहनत, समय और जीवन की सच्चाई को सरल शब्दों में प्रस्तुत करती है, जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
मेहनत और समय की सच्चाई (कविता)
उसका तो ख़ुदा मददगार है,
जिसे अपने कामों से प्यार है।
मेहनत रंग लाती है उसकी,
जिसकी कोशिश लगातार है।
असफलताओं का बहाना न बना,
जानने वाला तो परवरदिगार है...!!!
समय का सच
ऐसा मत सोच—
दिसंबर बदल गया,
और कैलेंडर बदल गया होगा।
भाग्य सो सकता है,
जब मौका खो गया होगा।
उसका भी ताल्लुक है—
वह बार-बार आता है,
ब्याज चुकाकर मूल
रह गया होगा।
जो अधूरे काम हैं,
उन्हें पूरा कर,
हर नया साल
पुराना हो गया होगा।
उतारकर फेंकी होगी
अंगूठी अपनी,
यादों में उसका
दर्द रह गया होगा...!!!
भावार्थ
यह हिंदी कविता हमें सिखाती है कि सफलता के लिए मेहनत जरूरी है और समय का सही उपयोग करना चाहिए। अवसर को खोने के बाद पछतावा ही बचता है, इसलिए हमें अपने अधूरे कार्यों को समय रहते पूरा करना चाहिए।
👉 अगर यह हिंदी कविता आपको प्रेरित करे, तो इसे शेयर जरूर करें।
इन्हें भी पढ़ें 👉 प्रेम ने जब अस्वीकार किया बेहतरीन कविता हिन्दी

0 टिप्पणियाँ