चंद सुविधा के हम आदी हो गए

झूठ बोले इस तरह गांधी हो गए

लफ्ज़ मेरे थे उसने लिए मनमाफिक

बनी इस तरह बात कि ऑंधी हो गए

रहता था कभी हरा भरा मैदान जहॉं

जनसंख्या बढ़ी इत तरह आबादी हो गए