जितना प्रेम है सब बरस पड़े कलाई पर

बहन की दुआं हैं खुशियां बरसे भाई पर

न धन-दौलत चाहे न जमीन भाई की

सदा स्नेह, प्रेम बरसाएं भाई की भलाई पर