प्यार की राह – कांटे और खुशियाँ कविता Love in life-Hindi poetry

प्यार की राह – कांटे और खुशियाँ Love in life-Hindi poetry

प्यार की राह हमेशा आसान नहीं होती। इसमें कांटे भी बहुत हैं, दर्द भी, और कभी-कभी भटके हुए लोग भी मिलते हैं। यह कविता इसी अनुभव को बयां करती है—कि कैसे वफ़ा, विश्वास और प्रेम की गहराई में चलकर जीवन का वास्तविक आनंद मिलता है।

कविता:प्यार की राह

प्यार की राह पर

कांटे बहुत हैं,

फिर भी क्यों?

चलते बहुत हैं।

तकलीफ़ होगी,

दर्द मिलेंगे,

हंसने वाले लोग

बहुत मिलेंगे।

जिसका ध्यान है बहुत,

प्यार की राह पर

कांटे बहुत हैं।

जीने के और भी तरीके हैं,

वफ़ा के भी कई सलीके हैं,

फिर भी प्यार की राह पर

चलते बहुत हैं।

प्यार की राह पर

कांटे बहुत हैं !!!!


प्यार की राह पर

भटके हुए भी बहुत हैं।

कुछ की मीठी बातों से

अटके हुए बहुत हैं।

दिल में प्रेम न था,

फिर भी विश्वास था,

मेरे भीतर ही प्यार बहुत है।

प्रेमी नहीं बदलते

प्रेमिका के बदल जाने पर।

चाहत कम नहीं होती

कई आदतें होने पर।

प्रेम शाश्वत है,

जैसे सूरज शाश्वत है,

जैसे चाँद शाश्वत है।

प्रेम एक है,

परिभाषाएं कई होने पर।



-राजकपूर राजपूत 

Love in life-Hindi poetry


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