Barish ho jane ke baad 


बारिश हो जाने के बाद
पेड़ों की रंगत बढ़ जाती है

कुछ मुसीबत झेल जाने के बाद
आदमी की हिम्मत बढ़ जाती है

रूठने मनाने की आदत है
हर शिकायत के बाद मोहब्बत बढ़ जाती है

उसने धोखा क्या दिया
उससे नफ़रत बढ़ जाती है

आदमी में अब मासुमियत नहीं है
जितना पढ़  दुनिया को सियासत बढ़ जाती है


---राजकपूर राजपूत
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