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गजल (मुक्तक)
दिल को करार आ जाता
दिल को करार आ जाता
राजकपूर राजपूत
अगस्त 23, 2020
पलट कर देख लेते तुम तो
दिल को करार आ जाता
जब नज़रें मिलती नजरों से
दिल में और प्यार आ जाता
जो उम्मीद थी मोहब्बत में
दिल को एतबार आ जाता
---राजकपूर राजपूत''राज''
गजल (मुक्तक)
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1 टिप्पणियाँ
हीरा सिंह
28 अगस्त 2020 को 10:05 am बजे
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